What is volcano - ज्वालामुखी क्या है ?

ज्वालामुखी ( Volcanoes )




ज्वालामुखी पृथ्वी पर होने वाली वह घटना है जिसमें एक आकस्मिक विस्फोट होता है और पृथ्वी के भू-भाग से लावा,  धुआं,  कंकड़-पत्थर और गैस आदि बाहर निकलने लगते हैं |
जब लावा पृथ्वी के अंदर से बाहर निकलता है तो उस घटना को ज्वालामुखी उद्गार कहते हैं अथवा Volcanic Eruption कहा जाता है |

volcanic eruption

लावा धरती पर प्राकृतिक छिद्रों के माध्यम से बाहर निकलता है जिसे निकास नली अथवा ( Vent or Neck ) कहते हैं |
लावा हमेशा प्राकृतिक छिद्रों के माध्यम से ही बाहर नहीं निकलता है अपितु यह कई छिद्रों का निर्माण भी करता है जिसे विवर या क्रेटर कहते हैं |
जब बाहर निकलने वाला लावा विवर के आसपास जमने लगता है तो शंकु के आकार का पर्वत बनता है जिसे ज्वालामुखी पर्वत अथवा ( Volcanic Mountain ) कहते हैं |


लावा मुख्य नली अथवा निकास नली के अलावा इसके दोनों ओर के रंध्रों में से होकर भी निकलता है जिनकी वजह से छोटे-छोटे शंकुओं का निर्माण होता है जिन्हें गौंण  शंकु अथवा ( Secondary Cone ) कहते हैं |


ज्वालामुखी विस्फोट के कारण( Causes of volcanic eruption )


हम पृथ्वी की सतह के अंदर नहीं देख सकते हैं क्योंकि ज्वालामुखियों का जन्म पृथ्वी के आंतरिक भाग में होता है अतः हम ज्वालामुखी विस्फोट के कारणों के विषय में ज्यादा नहीं जानते हैं | आज हमारे पास ज्वालामुखी विस्फोट के कारणों के विषय में जो भी जानकारी उपलब्ध है वह बाहरी तत्वों का अध्ययन करने से ही पता चली हैं  जो कि निम्नलिखित हैं |




1. भूकंप  ( Earthquake )


जब पृथ्वी पर भूकंप आता है तो धरती हिलने लगती है और जब यह भूकंप ज्यादा ताकतवर होता है तो पृथ्वी में दरारें भी पैदा कर देता है जिन दरारों से पृथ्वी के अंदर का मैग्मा बाहर निकलने लगता है और वह ज्वालामुखी का रूप ले लेता है |


2. भूगर्भ में अत्यधिक तापमान का होना ( Extreme temperature in the underground )


हम जानते हैं कि जैसे-जैसे हम पृथ्वी के अंदर जाते हैं हर 32 मीटर पर तापमान 1 डिग्री सेल्सियस बढ़ता जाता है आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि भूगर्भ में तापमान कितना ज्यादा होगा यह तापमान ऊपरी दाब व रेडियोधर्मी पदार्थों के विघटन व रासायनिक प्रक्रमों के कारण होता है |
इसी उच्च तापमान के चलते भूगर्भ में पदार्थ पिघल जाते हैं और तरल अवस्था में रहते हैं जिसे हम मैग्मा कहते हैं और यही मैग्मा पृथ्वी के कमजोर भागों को तोड़कर बाहर निकल जाता है जिससे ज्वालामुखी विस्फोट होता है |

Volcanic eruption



3. गैसों की उत्पत्ति ( Origin of Gases )


गैसों की उत्पत्ति का ज्वालामुखी विस्फोट में महत्वपूर्ण स्थान है जब कभी भी पृथ्वी के आंतरिक भाग में जल पहुंचता है चाहे वह वर्षा का जल छिद्रों के माध्यम से रिस कर अंदर पहुंचा हो अथवा धरातल के अंदर मौजूद जल किसी कारण वश पृथ्वी के आंतरिक भाग तक पहुंच गया हो वहांँ यह जल जल जलवाष्प में बदल जाता है जिस कारण दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और वह भूतल पर किसी कमजोर स्थान से मैग्मा के साथ बाहर निकलता है यह जल समुद्रों के माध्यम से भी पृथ्वी के आंतरिक भाग में पहुंचता है क्योंकि समुद्र पृथ्वी पर 71% भाग पर फैले हुए हैं इसीलिए हम बहुत से दीप ऐसे देखते हैं जिनका निर्माण ज्वालामुखी विस्फोटों से हुआ है |



4. कमजोर भूभागों का होना ( Weak terrain )


पृथ्वी के कमजोर भूभागों का अध्ययन करने पर पता चलता है कि पृथ्वी पर सबसे ज्यादा ज्वालामुखी पृथ्वी पर मौजूद कमजोर भूभागों पर ही होते हैं पृथ्वी के कमजोर भागों पर जब पृथ्वी के अंदर मौजूद गैसों अथवा मेग्मे का दबाव पड़ता है तो यह कमजोर भूभाग टूट जाते हैं जिनसे लावा बाहर निकलने लगता है |


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